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*परम पूज्य आचार्य मिथिलेशनंदिनी जी महाराज, सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय सचिव श्री माधव कुमार जी एवं मध्य प्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रवीण शर्मा जी ने प्रेस क्लब पर पत्रकार वार्ता मैं जानकारी देता हूं बताया।युवा धर्म संसद 2026 अवंतिका का छठवां संस्करण 17 18 एव 19 को गीता भवन उज्जैन में आयोजित

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*युवा धर्म संसद–2026 अवन्तिका का छठवाँ संस्करण 17, 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को गीता भवन, उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है
*प्रेस कांफ्रेंस में युवा धर्म संसद–2026 के उद्देश्य, आयोजन की रूपरेखा, विभिन्न सत्रों, देशभर से आने वाले प्रतिभागियों तथा आयोजन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों चर्चाउज्जैन में 17 से 19 सितम्बर तक होगा ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ का आयोजन, 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा होंगे शामिल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी करेंगे युवाओं को सम्बोधित
समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे
धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, योग्य राष्ट्र निर्माण और युवाओं की भूमिका के विद्वानों एवं विशेषज्ञों का संवाद
उज्जैन, मध्यप्रदेश, 16 सितम्बर 20261 स्वामी विवेकानन्द जी के ऐतिहासिक शिकागो उद्बोधन की स्मृति में सेवाज्ञ संस्थानम् द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उपक्रम ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ का शुभारंभ 18 सितम्बर को उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम परम पूज्य सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी द्वारा किया जाएगा। तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय आयोजन 17 से 19 सितम्बर तक गीता भवन सभागार, उज्जैन में आयोजित होगा। युवा धर्म संसद में देश के 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1600 से अधिक युवा, विद्यार्थी, शिक्षक विभिन्न क्षेत्रो में कार्य करने वाले लोग सम्मिलित होंगे।
युवा धर्म संसद के उद्घाटन अवसर पर श्री मोहन भागवत जी देशभर से आए युवाओं को संबोधित करेंगे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, जीवन-दृष्टि, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका के लिए प्रेरित करना है। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद, चिंतक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी युवाओं के साथ संवाद करेंगे।
युवा धर्म संसद अवन्तिका 2026′ का प्रमुख उद्देश्य युवा शक्ति को भारतीय जीवन-दृष्टि, सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान-परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी भूमिका के लिए प्रेरित करना है। आयोजन के माध्यम से युवाओं के बीच धर्म की व्यापक एवं अस्तित्वपरक अवधारणा, चरित्र निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व, संवाद की संस्कृति, सूचना एवं विचार के संघर्ष, मनुष्य निर्माण में आस्था का महत्व, धर्मस्थलों की भूमिका तथा ऋषि और कृषि संस्कृति के मध्य भारत की आजीविका-दृष्टि जैसे समकालीन एव महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया जाएगा। युवा धर्म संसद के माध्यम से युवाओं को केवल विचार सुनने का अवसर ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रश्न, संवाद और चिंतन के माध्यम से भारतीय ज्ञान-परंपरा को समझने तथा वर्तमान समय की चुनौतियों के संदर्भ में उसके महत्व पर विचार रखने का अवसर भी प्राप्त होगा।भारतीय संस्कृति, कला एवं ज्ञान-परंपरा पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें कला दीर्घा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, युवा पंचायत एवं जनजातीय मेला प्रमुख आकर्षण होंगे। युवा संसद के माध्यम से देशभर से आए प्रतिभागी युवा विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
19 सितम्बर को युवा धर्म संसद का समापन होगा, जिसमें मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। आयोजन में सिद्धपीठ हनुमत निवास के पूज्य पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण जी महाराज, स्वामी अवधेशानंद गिरि जी, आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा, पुण्डरीक जी महाराज, प्रो. श्रीनिवास वरखेडी जी, कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, सुप्रसिद्ध कवि एवं लेखक मनोज मुंतशिर जी, प्रवीण शर्मा जी, अध्यक्ष, युवा आयोग, मध्यप्रदेश शासन, विष्णु प्रकाश त्रिपाठी जी, कार्यकारी संपादक, दैनिक जागरण समूह तथा प्रो. हिमांशु राय जी, निदेशक, भारतीय प्रबंध संस्थान, इंदौर सहित अनेक प्रतिष्ठित विद्वान एवं विशेषज्ञ भी सहभागिता करेंगे।
युवा धर्म संसद की राष्ट्रीय श्रृंखला में इससे पूर्व पांच सप्तपुरियों काशी (2019), अयोध्या (2022), मथुरा (2023), हरिद्वार (2024) और कांचीपुरम (2025) में आयोजन किए जा चुके हैं। इन पांच आयोजनों में देशभर के लगभग 7100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की है। इस वर्ष उज्जैन में होने वाला आयोजन इस राष्ट्रीय श्रृंखला की अगली कड़ी है, जिसमें देशभर के युवाओं को एक मंच पर लाकर भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्ञान-परंपरा और समकालीन जीवन की चुनौतियों पर सार्थक संवाद स्थापित किया जाएगा।
उज्जैन की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को देखते हुए इस आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। भगवान महाकाल की नगरी अवन्तिका प्राचीन काल से ही धर्म, विज्ञान, कला एवं ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमि रही है। आयोजकों के अनुसार इसी पावन भूमि से युवाओं को आत्मोत्थान, लोकमंगल और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का यह प्रयास किया जा रहा है।
सेवाज्ञ संस्थानम् वैदिक मंत्र “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” की भावना तथा विश्वबंधुत्व के विचार के आधार पर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्यरत है। संस्था के कार्य के तीन प्रमुख आधार सेवा, समिधा और वसुंधरा है। ‘युवा धर्म संसद-2026 अवन्तिका’ इसी व्यापक संकल्प का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपक्रम है, जिसके माध्यम से युवाओं में भारतीय संस्कृति, ज्ञान, मूल्यो, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति चेतना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है

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