*संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती वर्ष पर समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ*कलश वंदन यात्रा के जिला स्तरीय समारोह में सामाजिक समरसता और भेदभाव मुक्त समाज का लिया संकल्प* —

Listen to this article

उज्जैन, दिनांक 20 अगस्त। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर गुरुवार को समरसता संकल्प अभियान अंतर्गत कलश वंदन यात्रा का जिला स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के सभागृह में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती एवं संत रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, समरसता और एकता का संदेश दिया। संत रविदास जी, संत कबीर जी, संत सेन जी सहित अनेक संतों ने सामाजिक भेदभाव की रूढ़ीवादी सोच को चुनौती देते हुए समाज जागरण का कार्य किया। संत रविदास जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्म और विचारों से होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संतों के विचारों और परंपराओं को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है। संत रविदास जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में कलश वंदन यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा गांव-गांव और बस्ती-बस्ती पहुंचकर सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश देगी।विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि संत रविदास जी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों के प्रति अटूट आस्था रखते हुए समाज में समानता, भाईचारे और समरसता का संदेश दिया। उनकी वाणी और भजनों ने समाज जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का उनका संदेश आज भी सकारात्मकता और सद्भाव की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि कलश वंदन यात्रा संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान श्रीराम से लेकर संत रविदास जी तक महापुरुषों ने सदैव सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया है। भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान वनवासी, वंचित एवं विभिन्न समुदायों के लोगों को साथ लेकर समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ समाज में छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियां आईं, लेकिन संत रविदास जी जैसे महापुरुषों ने अपने विचारों के माध्यम से इन बुराइयों को दूर करने का मार्ग दिखाया। उनका समरसता, समानता और भाईचारे का संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है।कार्यक्रम में संत रविदास जी के जीवन, दर्शन और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा भेदभाव मुक्त, समरस एवं एकजुट समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया।कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, महापौर श्री मुकेश टटवाल, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री संजय अग्रवाल, श्री कमलेश बैरवा, समरसता संकल्‍प अभियान के जिला संयोजक श्री कमलेश बैरवा, संत श्री रविदास विश्‍व महापीठ भारत संस्‍थान के प्रदेश अध्‍यक्ष श्री ओम प्रकाश मोहने, जिला पंचायत सदस्‍य श्रीमती अजीता परमार सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश साहू ने किया और आभार प्रदर्शन श्री कमलेश बैरवा द्वारा व्‍यक्‍त किया गया।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे