Featured Video Play Icon

आस्था ओर श्रद्धा को बेचा नहीं जा सकता मंदिर प्रशासक वेद विद्या और कर्मकांड का अंतर नहीं समझते क्षेत्र पण्डा समिति उज्जयिनी अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी एवं अमर डिब्बे वाला पंडित सोहन भट्ट पंडित डॉक्टर संतोष पांडे पंडित महेंद्र दत्त शास्त्री पंडित विनोद पण्डया आदि ने निजी होटल मे पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया।

Listen to this article

उज्जैन श्री क्षेत्र पण्डा समिति एवं समस्त तीर्थ पुरोहित एवं पंडागण आपका ध्यान आकर्षित करते हुए आपको बताना चाहते है।
1. ‘वर्तमान में उपस्थित घटनाक्रम के अंतर्गत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के माध्यम से रामघाट स्थित राणो जी की छतरी के पास के घाट पर परंपरा विरुद्ध आरती को आरंभ करने का अनुक्रम किया जा रहा है जो कि नियम विरुद्ध है क्योंकि श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का जो कार्य क्षेत्र है वह महाकाल मंदिर के अंतर्गत आता है महाकाल मंदिर के बाहर की जो स्थितियां हैं अथवा क्षेत्र है उन क्षेत्रों में महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का किसी प्रकार से कोई भी हस्तक्षेप संवैधानिक नहीं है साथ ही यह भी सही है कि महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति मंदिर से संबंधित अव्यवस्थाओं को दूर नहीं कर पा रही है आए दिन रोज के कोई न कोई झगड़ा अथवा मारपीट एवं अव्यवस्था का क्रम बना रहता है वह नियंत्रित हो नहीं पा रहा है और अपना कार्य क्षेत्र पर फोकस ना करते हुए कहीं और अपने क्षेत्र को बढ़ाने का यह प्रयास विचारणीय है यह बड़ा आश्चर्य का विषय है की असंवैधानिक शक्ति का प्रदर्शन महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के द्वारा किया जा रहा है इस संबंध में न्यायालय में ‘सामला विचाराधीन है और संबंधित विषय को लेकर के माननीय कलेक्टर महोदय को एक माह का नोटिस पीरियड दिया गया है’
2. ‘भारतीय संविधान तथा प्रशासनिक नियमों की बात करें तो संपूर्ण भारत में कहीं भी आरती को लेकर टेंडरिंग की व्यवस्था नहीं है फिर उज्जैन में इस प्रकार की व्यवस्था को आरंभ करने की क्या आवश्यकता है और क्यों? यहां पर परंपरागत दृष्टिकोण से जो आरतियों के घाट निश्चित है वहां पर जबरिया प्रवेश करने का औचित्य नियम विरुद्ध है इस दृष्टि से शासन प्रशासन को एक बार फिर चिंतन करने की आवश्यकता है।’
3. ‘न्यायालय की बात करें तो ऐसी कोई स्थिति के सामने प्रकट नहीं होती जहां पर आरती के व्यवसायिकरण का कोई संदर्भ प्रकट रुप से सामने आता हो किसी भी प्रकारके इवेंट को लेकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास सनातन विरुद्ध है इसका हम विरोध करते है’स्मार्ट सिटी द्वारा जारी टेंडर धार्मिक परंपरा के विरुद्ध होकर व्यवसाय करण के साथ-साथ अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर किया जा रहा अनुक्रम हैं जो किसी भी शासन अधीनस्थ व्यवस्था को पारंपरिक पूजा विधान के क्षेत्र में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं देती।
4. इसी कड़ी में परंपरा विरुद्ध कार्य के विरोध में संपूर्ण देश के प्रमुख तीर्थ के तीर्थ पुरोहित गण दिनांक 9 सितंबर को उज्जैन आ रहे हैं।जो अपनी बात को धर्म सभा एवं सभा के माध्यम से सभी के मध्य रखेंगे।इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से सम्माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश की प्रति व सम्माननीय जिलाधीश महोदय को समिति की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन पत्र की प्रति भी हम आपको प्रस्तुत कर रहे हैं।

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे