एडीजी श्री राकेश गुप्ता द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से दिया नशामुक्ति का संदेश, “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की अपील*।

Listen to this article

पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन में संचालित प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राकेश गुप्ता द्वारा वीडियो संदेश जारी कर प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया एवं विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुँच सके।
अपने संदेश में एडीजी श्री राकेश गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक प्रदेशभर में “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ संचालित की गई हैं। उज्जैन संभाग में भी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद, सामाजिक संगठनों की
सहभागिता तथा विभिन्न माध्यमों से नशे के दुष्परिणामों के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया है।
उन्होंने कहा कि यद्यपि अभियान का निर्धारित चरण 30 जुलाई को पूर्ण हो रहा है, लेकिन इसे समाप्ति नहीं माना जाएगा। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए इस प्रकार के जनजागरूकता प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। एडीजी श्री गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि यदि समाज में ड्रग्स एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को प्रभावी रूप से कम करना है, तो उनकी मांग और आपूर्ति दोनों पर समान रूप से नियंत्रण आवश्यक है। मध्य प्रदेश पुलिस एक ओर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी एवं आपूर्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनजागरूकता के माध्यम से विशेषकर नवयुवकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर मादक पदार्थों की मांग को कम करने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस तक पहुँचाएँ। जनसहभागिता और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से ही नशामुक्त, सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।*

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे