उज्जैन, 30 अप्रैल गुरूवार सिद्धाश्रम से उज्जैन की पावन धरा से आयोजित 11वां अंतर्राष्ट्रीय महानाद योग कार्यक्रम इस वर्ष भी आध्यात्मिक ऊर्जा और वैश्विक एकता का प्रतीक बनकर उभरा। नृसिंह जयंती के शुभ अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन सहभागिता की।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, आत्म-उपचार और सामूहिक सकारात्मकता का प्रसार करना रहा। भारतीय समयानुसार सुबह 11 बजकर 11 मिनट 11 सेकंड पर सभी प्रतिभागियों ने एक साथ 11 बार ‘ॐ’ (ओम) का उच्चारण किया, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।इस अवसर पर डॉ. स्वामी नारदानंद जी ने ओंकार नाथ एवं शक्ति पात विद्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आध्यात्मिक साधना के गूढ़ पहलुओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. पी.एन. मिश्रा ने “साउंड एनर्जी” और ओंकार के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक प्रभावों पर विस्तार से व्याख्यान प्रस्तुत किया।कार्यक्रम का सफल संचालन विजय कौशिक द्वारा किया गया, जबकि अंत में स्वामी प्रणवानंद जी ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।यह आयोजन विशेष रूप से स्थायी युद्धविराम, विश्व शांति और आत्म कल्याण के उद्देश्य से किया गया था। साथ ही, इसमें देश के सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने और समाज में सद्भाव एवं एकता का संदेश देने पर भी विशेष बल दिया गया।महानाद योग का यह वैश्विक आध्यात्मिक अभियान एक बार फिर यह संदेश देने में सफल रहा कि सामूहिक संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा से विश्व में शांति और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
2026-04-30






