उज्जैन यातायात पुलिस का ‘जीवन रक्षक’ अभियान; जिले के 20 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की बदलेगी सूरत, मददगारों को मिलेगा ₹25,000 सम्मान व प्रशिक्षण*
सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता की सेवा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ उज्जैन यातायात पुलिस द्वारा जिले के 20 चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Accident Prone Areas) में व्यापक जन-जागरूकता एवं आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रशिक्षण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के “स्वर्णिम घंटे” (Golden Hour) का प्रभावी उपयोग कर घायलों की जान बचाना है।
*1. आपातकालीन सहायता तंत्र : 112 और 108 की जानकारी*
अभियान के दौरान नागरिकों को आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई—
🔹112 – एकीकृत आपातकालीन सेवा
किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 112 पर सूचना दें। यह पुलिस, फायर एवं एम्बुलेंस सहायता के लिए एकल आपातकालीन सेवा है।
*🔹108 – एम्बुलेंस सेवा*
घायल को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने हेतु 108 नंबर पर कॉल करें।
प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि सूचना देते समय सटीक लोकेशन दी जाए तो सहायता दल न्यूनतम समय में घटनास्थल तक पहुँच सकता है।
*1. मुख्यमंत्री राहगीर योजना : मदद करने पर ₹25,000 पुरस्कार*
अक्सर लोग कानूनी प्रक्रिया के डर से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने से हिचकते हैं। इस भ्रम को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री राहगीर (Good Samaritan) योजना की जानकारी दी गई।
*🔹योजना के प्रमुख बिंदु :*
* सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुँचाने वाले नेक व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
* सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
* सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मददगार व्यक्ति पर पुलिस या अस्पताल द्वारा पहचान बताने अथवा गवाही देने का दबाव नहीं डाला जाएगा।
* सहायता करने वाला व्यक्ति बिना किसी अनावश्यक औपचारिकता के वापस जा सकता है।
1. CPR एवं प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण
अभियान के अंतर्गत जिला चिकित्सालय के डॉ. गोमे एवं उनकी विशेषज्ञ टीम द्वारा चिन्हित स्थलों पर लाइव डेमो दिया गया।
*🔹प्रशिक्षण में शामिल विषय :*
* CPR (Cardiopulmonary Resuscitation)
यदि घायल की सांस रुक जाए या हृदय गति बंद हो जाए, तो अस्पताल पहुँचने से पहले सीने पर दबाव देकर जीवन बचाने की प्रक्रिया सिखाई गई।
* फर्स्ट एड किट वितरण
प्रत्येक क्षेत्र के आसपास के 10 से 15 दुकानदारों एवं जिम्मेदार नागरिकों को फर्स्ट एड बॉक्स वितरित किए गए, जिनमें बैंडेज, एंटीसेप्टिक व अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।
🔹जिले के 20 चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्र
1. नागझिरी क्षेत्र
2. पंवासा(बिंदु-1)
3. पंवासा (बिंदु-2)
4. नानाखेड़ा (बिंदु-1)
5. नानाखेड़ा (बिंदु-2)
6. नानाखेड़ा (बिंदु-3)
7. बिल्लो ग्राम
8. खाचरोद रोड क्षेत्र
9. उन्हेल रोड क्षेत्र
10. देवास रोड
11. चिमनगंज क्षेत्र
12. घटिया (बिंदु-1)
13. घटिया (बिंदु-2)
14. राघवी क्षेत्र
15. तराना क्षेत्र
16. माकड़ोन (बिंदु-1)
17. माकड़ोन (बिंदु-2)
18. इंगोरिया (बिंदु-1)
19. इंगोरिया (बिंदु-2)
20. बड़नगर क्षेत्र
उज्जैन यातायात पुलिस का यह अभियान केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में लोकल रिस्पॉन्स टीम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
पुलिस का मानना है कि यदि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के दुकानदार, नागरिक एवं स्थानीय रहवासी प्राथमिक उपचार और CPR में प्रशिक्षित हो जाएँ, तो अस्पताल पहुँचने से पहले घायल की स्थिति को स्थिर किया जा सकता है।



