अनमोल चरित्र संपदा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए संकल्पित होइए श्री विभाष उपाध्याय यदि हमारा धन गया तो कुछ भी नहीं गया
श्री विभाष उपाध्याय यदि हमारा धन गया तो कुछ भी नहीं गया यदि स्वास्थ्य गया तो कुछ गया और चरित्र गया तो सब कुछ गया। अतः अनमोल चरित्र संपदा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए संकल्पित होइए। यह उद्गार श्री विभाष उपाध्याय उपाध्यक्ष जन अभियान परिषद ने गायत्री शक्तिपीठ उज्जैनContinue Reading



