सनातन ऋषि परंपरा से निकली विचारधारा – स्वामीजी डॉ सुमनानंद गिरि जी
उज्जैन जब किसी विचार या कार्य की प्रशंसा उसके विरोधी भी करने लगे तो यह उस विचार की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण होता है। सनातन परंपरा केवल आस्था तक सीमित नहीं है बल्कि यह समाज, राष्ट्र और मानव जीवन को दिशा देने वाली ऋषि परंपरा से निकली हुई विचारधाराContinue Reading





