समय रात 9.41 बजे। स्थान उज्जैन पॉलि टेक्निक कॉलेज परिसर। अवसर- विक्रम महोत्सव 2026 की शुरुआत। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का आयोजन.. शिवोऽहम। विशाल मंच। बैकग्राउंड में रंग-बिरंगी रोशनी। मंच पर मुंबई के ख्यात कंपोजर, गायक प्रीतम। उनके एक साथी ने देवा देवा हो… नमः हो, से शुरुआत की। प्रीतम ने सभी को नमस्कार कहा। बोले–हाकाल दर्शन के लिए तो कई बार आया, – लेकिन महाकाल की नगरी में शिवोऽहम की प्रस्तुति का यह मेरा पहला अवसर है। महादेव मेरे महादेव, भोले बाबा। शिव कैलाशो के वासी, धौली धारों के राजा, शंकर, संकट हरना..। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच पर आकर कलाकारों का सम्मान किया। मंचीय प्रस्तुति के अंतर्गत कलाकार फिर से तैयार थे। सत्यम्, शिवम्, सुंदरम् गीत से एक बार फिर स्वर लहरियां गूंज उठी। सांसों की माला पर सिमरू में शिव का नाम…, डिम.. मि… डमरू बाजे… शिव… शिव शंकरा सहित 31 प्रस्तुतियां दी गई। ख्यात गायक अभिजीत सावंत ने भी मंच साझा किया। उन्होंने शुरुआत या देवा श्री गणेश से की। प्रतीम ने फिर से मंच संभाला बोले- फिल्मों में काम किया। मैं धन्यवाद देता हूं कि मुझे यहां प्रस्तुति देने का मौका मिला।
1.1 करोड़ रु. अंतरराष्ट्रीय विक्रम सम्मान मिलेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि विक्रम महोत्सव उत्सव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप ले चुका है। इस वर्ष 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के सम्मान की शुरुआत भी की जाएगी। साथ ही 1 करोड़ 1 लाख रुपए का अंतरराष्ट्रीय विक्रम और 5-5 लाख के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित करने की बात कही।
2026-02-16





