उज्जैन 19 अक्टूबर सोमवार को महाष्टमी पर नगर पूजा की जाएगी। सुबह 7 बजे कलेक्टर रौशनकुमार सिंह 24 खंभा स्थित महामाया और महालया माता को मदिरा का भोग लगाकर पूजा करेंगे। इसके बाद आरती की जाएगी। 24 खंभा से नगर पूजा शुरू करके 27 किलोमीटर तक शहर के 40 देवी और भैरव पूजन-अर्चन किया जाएगा। मंदिरों में यात्रा में आगे आगे हांडी से मदिरा की धार पूरे नगर की परिक्रमा के दौरान सतत बहती रहेगी, जो कि कालभैरव, भूखी माता, चामुंडा माता, गढ़कालिका सहित नगर के प्रमुख 40 मंदिरों तक राजा विक्रमादित्य ने शुरू की थी पूजा यात्रा के साथ पूजा यह क्रम देर रात तक जारी रहेगा। रात 8 बजे मां गढ़कालिका माता मंदिर होते हुए अंकपात मार्ग स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर पर नगर पूजा का समापन होगा। ऐसी मान्यता है कि सम्राट राजा विक्रमादित्य ने अपने राज्य व नगर की खुशहाली व सुख समृद्धि के लिए महाष्टमी पर नगर पूजा शुरू की थी, जिसका निर्वहन अनवरत जारी है।जहां पर भगवान का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। साथ ही यात्रा में चल रहे कोटवार व अन्य सदस्य भजिए, पूड़ी, बड़बाकुल का भोग भगवान को अर्पित करेंगे तथा सोलह श्रृंगार की सामग्री व चुनरी माता को अर्पित की जाएगी।
2026-10-18





