उज्जैन | सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के सिलसिले में उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मां मनसा देवी ट्रस्ट (हरिद्वार) के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्रपुरी महाराज ने डॉ. रवींद्र पुरी शुक्रवार को मंदिर प्रशासन से मांग की की कि महाकाल मंदिर में प्रतिदिन की प्रतिनिधि व्यवस्था तुरंत बंद होनी चाहिए। डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने मंदिर प्रशासक से चर्चा में कहा कि महाकाल एक्ट के अनुसार प्रतिनिधि की व्यवस्था केवल आवश्यक परिस्थितियों में या मुख्य पुजारी की अनुपस्थिति में ही लागू होती है। जब मुख्य पुजारी नियमित रूप से पूजा के लिए आ रहे हैं, तो रोज-रोज प्रतिनिधि का कोई काम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से महेश पुजारी (जो कि प्रतिनिधि हैं) के मंदिर में आने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। महाराज ने कहा कि इस मामले को लेकर अखाड़ा परिषद जल्द ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगी।कोन पुजारी, मैं नहीं जानता उन्होंने महेश पुजारी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वे उन्हें नहीं जानते, वह मुख्य पुजारी के सेवक मात्र है। उन्होंने पूर्व में हरिद्वार मंदिर की व्यवस्था का हवाला देकर बिना जेब वाले कुर्ते का सुझाव दिया था, जिस पर महेश पुजारी ने आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणी की थी। महाराज ने आरोप लगाया कि मीडिया में झूठी वाहवाही लूटने के लिए आए दिन सभी 13 अखाड़ों को लेकर गलत बयानबाजी की जाती है, जो कि
2026-07-11






