उज्जैन |दिनांक 8 जुन बुधवार पंचायती अखाड़ा निरंजनी में शहर के शैव और वैष्णव संतों का मिलन समारोह आयोजित हुआ। इसमें सहभागी सभी संतों नै आगामी समय में होने वाले हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के कुंभ मेलों संतों का साथ और एकता को आवश्यक बताते हुए इन्हें साथ मिलकर संपन कराने का संकल्प लिया। परिषद के प्रवक्ता डॉ. गोविंद सोलंकी के अनुसार कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पुरी महाराज और निमोही अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन मोहन दास महाराज (वृंदावन) की उपस्थिति में परस्पर स्वागत किया और सिंहस्थ-2028 को लेकर मंथन हुआ। समारोह में डॉ. रामेश्वर दास महाराज ने कहा कि संतों के बीच मतभेद पानी जैसे हैं। जिस तरह पानी में लाठी मारने से पानी अलग नहीं होता, उसी तरह उज्जैन के संत एक हैं। भगवान दास महाराज ने कहा कि अब से सभी मतभेद समाप्त माने
निरंजनी पंचायती अखाड़े में हुए मिलन समारोह में शहर के शैव और वैष्णव संतों ने मिलकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। जाएं। डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के कुंभ मेलों को देखते हुए सभी संतों का साथ और एकता आवश्यक कार्यक्रम में पंच निर्वाण अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन मोहन दास है।
महाराज ने अखाड़ा परिषद को समर्थन देते हुए तीनों मेलों को साथ लेकर चलने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में प्रमुख रूप से जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव रामेश्वर गिरि महाराज, महानिर्वाणी अखाड़े के श्याम गिरि महाराज, राधे राधे बाबा, आनंद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकरानंद सरस्वती महाराज (नासिक), महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरि महाराज, महामंडलेश्वर भगवान बापू, दिगंबर अखाड़े के रामचंद्र दास महाराज, निर्वाणी अखाड़े के दिग्विजय दास महाराज, निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीतारामन दास महाराज, महावीर नाथ महाराज, सरंगारी महाराज, सेवा ह गिरि महाराज, कृष्णानंद ब्रह्मचारी ऐ महाराज, विशाल दास सहित अन्य कु संत-महंत शामिल थे।
2026-07-09






