उज्जैन बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माला चढ़ाकर फोटो खिंचवाने से कुछ नहीं होगा, बल्कि उनके संदेश-विचारों को जीवन में – अपनाने की आवश्यकता है। आज हम लोगों ने सरकारी सेवाएं प्राप्त कर – ली हैं, लेकिन हमारे बच्चों को सरकारी नौकरियों में अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, यह चिंता का विषय है। आरक्षण खत्म करने के नाम पर रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं और निजीकरण बढ़ने से सरकारी नौकरियों में कमी आ रही है। अजा-अजजा वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा।यह आह्वान मध्यप्रदेश अनुसूचित पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग पदों में भर्ती के लिए अभियान कार्यक्रम में मुख्य रूप से अजा-अजजा वर्ग के स्वर्णिम भविष्य निर्माण की रूपरेखा तय की गई। इसके साथ ही पदोन्नति में आरक्षण देने, रिक्त पड़े बैकलॉग पदों पर इस वर्ग के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने और वर्ग के हितों से जुड़े कुल 13 सूत्री मांगों का सीएम डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन उपस्थित जनप्रतिनिधियों को सौंपा गया। अजाक्स के जिलाध्यक्ष रतनलाल परमार ने बताया कि कार्यक्रम में पीएससी और यूपीएससी में चयनित मेधावी छात्रों के साथ-साथ समाजसेवियों, पत्रकारों और साहित्यकारों का सम्मान भी किया गया। जाति, जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष वर्मा (आईएएस) ने किया। वे रविवार को दशहरा मैदान में आयोजित संगठन की प्रांतीय साधारण सभा एवं द्वितीय मालवांचल महासम्मेलन-2026 को संबोधित कर रहे थे। यह पहला अवसर था जब अजाक्स का भोपाल के अलावा किसी दूसरे
शहर के रूप में उज्जैन में इस तरह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक डॉ. चिंतामन मालवीय, अनिल जैन कालूहेड़ा, महेश परमार और दिनेश जैन बोस आदि मंचासीन थे। प्रदेशभर के जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। भोपाल छोड़ उज्जैन को क्यों चुना, यह बताई दो बड़ी वजह अजाक्स को 1993 में मान्यता मिली थी, तब से आज तक संगठन के सभी बड़े आयोजन राजधानी भोपाल में ही होते रहे, जहां लाखों की भीड़ जुटती रही है। इस बार उज्जैन को चुनने के पीछे अजाक्स के प्रांतीय महासचिव व संभाग प्रभारी महेश विरोलिया ने दो बड़े कारण बताए-शासन विरोधी होने का भ्रम तोड़ना : आमतौर पर अजाक्स को शासन विरोधी संगठन माना जाता है। हम उज्जैन में यह बड़ा आयोजन करके इस भ्रम को पूरी तरह से दूर करना चाहते हैं।सीएम का गृह नगर में ध्यानाकर्षण: उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर है। यहां कार्यक्रम का मकसद यह है कि हमारी मांगें सीधे उन तक प्रभावी रूप से पहुंचे।








