उज्जैन गंगा दशहरा पर नीलगंगा में पेशवाई के बाद नीलगंगा सरोवर में संतो का स्नान एवं, जापान से 100 भक्त भी होंगे शामिल

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उज्जैन | गंगा दशहरा पर नीलगंगा में इस बार सिंहस्थ जैसे दृश्य बनेंगे। पंचदशनाम जूना अखाड़ा और अखाड़ा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन होगा। नागा साधुओं की पेशवाई निकलेगी। जापान से आईं महामंडलेश्वर केको आई कावा भी शामिल होंगी। उनके साथ 100 जापानी भक्त संतों के साथ स्नान करेंगे।पेशवाई में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष – और पंचायती अखाड़ा निरंजन के सचिव रवींद्र पुरी, जूना – अखाड़ा के मुख्य संरक्षक और अभा अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि भी शामिल होंगे। देशभर से महामंडलेश्वर, संत-महंत, नागा साधु भी आएंगे। आयोजन के तहत सिंहस्थ पड़ाव स्थल शिवांजली गॉर्डन, नीलगंगा से सुबह 8 बजे से संतों की पेशवाई शुरू होगी। शाही लवाजमे के साथ पेशवाई निकलेगी। इसमें 11 रथ, घोड़ा, बैंड, ढोल, कड़ाबिन रहेंगे। नागा साधु अपने देवता को लेकर चलेंगे और अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद नीलगंगा सरोवर में स्नान कर मां नीलगंगा का पूजन करेंगे। समारोह में शामिल होने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी नीलगंगा पहुंचेंगे। वे जूना अखाड़ा के साथ निशान देवता का पूजन करेंगे। हरि गिरि ने बताया, ब्रह्मलीन महायोगी पायलट बाबा की इच्छा के अनुसार गंगा दशहरा पर पट्टाभिषेक होगा। नीलगंगा नीलकंठ पीठाधीश्वर के तौर पर महामंडलेश्वर केको आई कावा, केला गिरि माता, जापान को सुशोभित किया जाएगा। महामंडलेश्वर श्रद्धानंद गिरि माता और महामंडलेश्वर चेतनानंद गिरि माता का भी पट्टाभिषेक होगा। महाआरती कर सवा क्विंटल हलवे का भोग लगाया जाएगा। शाम को मां नीलगंगा का श्रृंगार कर मां गंगा की आरती की जाएगी।

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