भवाई की परंपरा में “अबोला रानी नो वेश” – रंग समूह त्रिवेणी की प्रस्तुति उज्जैन। भाषाई रंगमंच के क्षेत्र में बड़ौदा गुजरात की संस्था त्रिवेणी का नाम देश की उन कुछ पुरानी रंगमंच संस्थाओं में शामिल है जो अपनी परंपरा का निर्वहन बहुत ही लंबे समय से रंगमंच के क्षेत्र में कर रही है। लोकनाट्य भवाई गुजरात की एक ऐसी कलात्मक धरोहर है।
भवाई की परंपरा में “अबोला रानी नो वेश” – रंग समूह त्रिवेणी की प्रस्तुति उज्जैन। भाषाई रंगमंच के क्षेत्र में बड़ौदा गुजरात की संस्था त्रिवेणी का नाम देश की उन कुछ पुरानी रंगमंच संस्थाओं में शामिल है जो अपनी परंपरा का निर्वहन बहुत ही लंबे समय से रंगमंच के क्षेत्रContinue Reading





