उज्जैन | जगतगुरु, महामंडलेश्वर की उपाधि देने के मामले पर अभा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष डॉ. रवींद्र पूरी महाराज ने अपना रूख साफ किया है। उन्होंने मिडिया को कहा जिस तरह से विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट, एमफिल सहित अन्य उपाधियां दी जाती है, इस तरह 13 अखाड़ों को भी अधिकार है कि इस तरह की उपाधि मापदंडों पर खरे उतरने वाले संतों को दे सकते हैं। इसमें कोई एतराज की बात नहीं हैं। उच्च कोटि के जो संत समाज में उत्कृष्ट कार्य करते हैं उन्हें ही जगतगुरु की उपाधि देकर समाज में सम्मानित एवं सकारात्मक कार्य करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाता है। मालूम हो कि आचार्य प्रमोद कृष्णन एवं स्वामी चक्रपाणि को जगतगुरु की उपाधि दिए जाने के पश्चात कई भ्रांतियां एवं दुष्प्रचार किया जा रहा था। इसको लेकर आज उज्जैन प्रवास पर आए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने स्थिति साफ कर दी है। अखाड़े के अपने नियम, कानून और सिद्धांत होते हैं उस अनुसार वह कार्य करते हैं।
2026-03-12


