यादें रफी कीचढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी चुरा लिया है तुमने दिल को नजर नहीं चुराना सनम तेरी रब ने बना दी जोड़ी एक तू हां कर या ना कर यारा
उज्जैन दिनांक 31 जुलाई गुरुवार शाम मोहम्मद रफी को स्वरांजली नजर न लग जाए किसी की राहों में, छुपा के रख लूं आ तुझे निगाहों में…. चढ़ती जवानी तेरी चाल मस्तानी…. परदा है परदा…. अब आन मिलो सजना…. काली घटा छाई प्रेम रुत आई… चुरा लिया है तुमने जो दिलContinue Reading








