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परशुराम दर्शनयात्रा में 1001 केसरिया ध्वज,के साथ टावर पर बनाई ब्रह्म श्रृंखला

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ब्राह्मण समाज के आराध्य भगवान परशुराम जी के प्रकटोत्सव अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल रविवार को सुबह 9.30 बजे महाकालेश्वर के आंगन से ब्रह्मजनों की श्री परशुराम दर्शन यात्रा वाहन रैली के रूप में निकाली श्री परशुरामना ब्राह्मण संगठन के संस्थापक अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी ने बताया कि सुबह 8.30 बजे महाकालेश्वर पूजन के साथ भगवान परशुरामजी का पूजन कर सुबह 9.30 बजे महाकालेश्वर मंदिर से यात्रा प्रारंभ हुई जो यात्रा शहर के प्रमुख मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, गोपाल मंदिर, छत्री चौक, सराफा, कंठाल, नईसड़क, दौलतगंज, मालीपुरा, देवास गेट, चामुंडा माता चौराहा होकर टावर चौक पर पहुंची। जहां वर्तमान परिपेक्ष में विश्व शांति हमारे भारत देश का विकास, व. ब्रह्म एकता के लिए ब्रह्म श्रृंखला बनाई शैलेश आनंद महाराज, आचार्य अखिलेश महाराज और कथाकार सुलभ शांति गुरु महाराज के आतिथ्य में और ब्राह्मण समाज की उप शाखा के अध्यक्षों व समाज के वरिष्ठों के विशेष उपस्थिति में भगवान परशुरामजी की महाआरती के साथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। आरती पूजन का कार्य महाकाल के प्रमुख पुजारी एवं पुरोहित के सानिध्य में संपन्न हुई कहा गया है कि भगवान परशुराम का जीवन दर्शन केवल अतीत की बात नहीं है, वह आज के भारत की आवश्यकताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। जब हम युवा वर्ग को सकारात्मक दिशा देना चाहते हैं, तब उन्हें ऐसे चरित्र की ओर मोड़ना होगा जो केवल प्रेरणा ही नहीं, बल्कि कर्म और सिद्धांतों का आदर्श भी हो। परशुराम केवल एक देवता नहीं, एक क्रांतिकारी विचारधाराहैं, जो आज भी युवाओं को सही राह दिखा सकते हैं।

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