केवल भगवत संकीर्तन से अपनी मृत्यु को सुधारा जा सकता है – स्वामीजी विद्यानंद सरस्वती जी ने भागवत कथा के अंतिम दिवस स्वामीनारायण आश्रम तस्विक व्याख्या की।
उज्जैन मृत्यु भय और शोक से मुक्त कर अपने आत्म स्वरूप का बोध श्रीमद् भागवत करवाती है और यही इसका सार तत्व है। भागवत प्रवक्ता व श्री सद्गुरु धाम बरूमल के पीठाधीश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती ने शुकदेव द्वारा राजा परीक्षित को दिए अंतिम उपदेश की व्याख्या करते हुए यह बातContinue Reading






