विक्रमोत्सव 2023 : राम कथा के समापन अवसर पर कवि कुमार विश्वास ने कहां कि देश के युवा वो दिन वापस लाए जब विश्व का कैलेंडर विक्रम संवत के अनुसार चलें
उज्जैन हाथ अगर जुहके रहते हैं तो प्रणाम बन जाते हैं। संकल्पों की पुण्य वेदी पर सभी काम बन जाते हैं। अगर आत्मा रहे निरंतर, मन के मानस के संग में, तो पर (दूसरों की) पीड़ा पीने वाले, स्वयं राम बन जाते है। जब-जब घिरे अंधेरे, हमने तुम्हें पुकारा रामाContinue Reading


