आयोजन श्री स्वामीनारायण आश्रम में भागवत कथा का रसपान कर रहे श्रद्धालु सेवा और समर्पण के बिना किया गया प्रेम अधूरा है- स्वामी विद्यानंद सरस्वती
उज्जैन सेवा और समर्पण के बिना किया गया प्रेम अधूरा है। समर्पण भाव से प्रीति सुदृढ़ होती है जबकि दिखावे के प्रेम में केवल औपचारिकताएं ही रहती हैं। त्रिवेणी के समीप श्री स्वामीनारायण आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ के छठे दिन भागवत तत्व के प्रवक्ता एवं श्री सद्गुरुContinue Reading





