जीवन में ज्ञान, वैराग्य व तप के बिना भागवत चरितार्थ नहीं होगी -स्वामीजी भागवत जीवन में तभी चरितार्थ होगी जब जीवन में ज्ञान वैराग्य और तप आएगा
उज्जैन | भागवत जीवन में तभी चरितार्थ होगी, जब जीवन में ज्ञान, वैराग्य और तप आएगा। तीर्थ क्षेत्र में भागवत श्रवण का बहुत महत्व है, लेकिन श्रवण में प्रबल निष्ठा होना चाहिए। त्रिवेणी के निकट फोन आना स्थित श्री स्वामीनारायण आश्रम में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञContinue Reading




