सांसारिक प्रतिस्पर्धा ही दुःख का कारण – स्वामीजी विद्यानंद सरस्वती जी महाराज ने स्वामीनारायण आश्रम पर नौ दिवसीय भागवत कथा में कहीं।
उज्जैन वर्तमान में सांसारिक प्रतिस्पर्धा और विषयों के प्रति आसक्ति बढ़ती जा रही है। यही आज दुःख का कारण बनता जा रहा है। दूसरों को सुखी देख दुखी होने की आसुरी वृत्ति दूसरों के दुःख में सुखी होने का अनुभव कराती है। त्रिवेणी के निकट श्री स्वामीनारायण आश्रम में आयोजितContinue Reading



