राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत विश्व मांगल्य सभा द्वारा मालवा प्रांत का दो दिवसीय मातृ संस्कार समागम 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को झालरिया मठ नृसिंह घाट पर – आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर बुधवार को आयोजित – प्रेस वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों -ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। प्रांतीय अधिवेशन में मालवा प्रांत के 10 जिलों से लगभग 1000 महिलाएं सहभागिता करेंगी। अधिवेशन का उद्देश्य मातृत्व संस्था का मातृत्व सक्षमीकरण ही उद्देश्य विश्व मांगल्य सभा की स्थापना 10 जनवरी 2010 को नागपुर में हुई थी। बीते 16 वर्षों से संस्था देश के 30 प्रांतों में कार्यरत है। कार्यक्रम के दौरान संस्था का प्रमुख उद्देश्य मातृत्व सक्षमीकरण है, जिसके अंतर्गत छात्र सभा, बाल सभा, जनजाति कल्याण एवं मेडिकल मिशन जैसे कार्य विभाग सतत सक्रिय हैं। सक्षमीकरण, भारतीय जीवन मूल्यों का संवर्धन तथा नारी शक्ति को संगठित करना है। अधिवेशन का उद्घाटन रविवार की सुबह 11 बजे आरएसएस अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैय्याजी जोशी एवं विकास फाउंडेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. मृदुला धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय की उपस्थिति में किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखादेवी खंडेलवाल, संगठन मंत्री डॉ. वृषाली जोशी, स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल कनोड़िया और केंद्रीय परामर्शदाता प्रशांत हरतात्मकर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। सप्त मातृका सम्मान से होंगी विशिष्ट महिलाएं सम्मानित 31 जनवरी को सायंकालीन सत्र में ज्ञान, धर्म, सेवा, मातृत्व, शौर्य, उद्यम एवं कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मालवा प्रांत की महिलाओं को सप्त मातृका सम्मान प्रदान किया जाएगा। 1 फरवरी को अधिवेशन का समापन सभा के संस्थापक सभाचार्य परम पूज्य जितेंद्रनाथजी महाराज की प्रमुख उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर झालरिया मठ से महाकाल मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सांस्कृतिक झांकियां, ढोल, लेझिम दल एवं महिला संतों, क्रांतिकारियों व विदुषियों की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
2026-01-29






