दुर्गापुर की धरती पर पहली बार आएंगी निरंकारी मिशन की प्रमुख सद्गुरु माता सुदीक्षाजी एवं निरंकारी राजपिता रमित जी

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उज्जैन सहित देशभर से हजारों की संख्या में निरंकारी श्रद्धालु पहुंचेंगे
उज्जैन। बंगाल की इस्पात नगरी दुर्गापुर की धरती पर पहली बार सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की छत्रछाया में नार्थ ईस्ट निरंकारी संत समागम का आयोजन होने जा रहा है। उज्जैन सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश एवं बंगाल के कोलकाता, सिलीगुड़ी, ओडीसा, झारखंड, बिहार राज्य के हजारों की संख्या में निरंकारी श्रद्धालु पहुंचेंगे। संयोजक विनोद गज्जर ने बताया कि दुर्गापुर ’सागरभांगा स्पोर्टिंग क्लब ग्राउंड में 21 दिसंबर को आयोजित होने वाले निरंकारी संत समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें एक साथ 50 हजार से भी ज्यादा निरंकारी एक साथ बैठकर माताजी के सानिध्य में नारायण पूजा की जीती जागती मिशाल पेश करेंगे। आपने बताया कि दुर्गापुर इस्पात नगरी में पहली बार नार्थ इस्ट का संत समागम हो रहा है, जहां सभी धर्म, भाषा, के श्रद्धालु एक साथ बैठकर एक गुलदस्ता बनकर बिना भेदभाव के नारायण पूजा रूप प्रदर्शित करेंगे। उन्होंने बताया कि बर्द्धवान जोन के इंचार्ज निमाई चंद साव के देखरेख में स्थानीय स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। पिछले एक माह से दुर्गापुर, बर्नपुर, आसनसोल, कोलकाता, चंदीगढ़, पंजाब, दिल्ली के सैंकड़ों श्रद्धालु सेवा कार्य में भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि समागम की तैयारी में जिला प्रशासन, पुलिस कमिश्नर, स्थानीय पुलिस, नगर निगम, एडीडीए, बिजली विभाग स्थानीय समाज सेवियों का निरंतर सहयोग मिल रहा है। सभी निरंकारी भक्तों से आग्रह किया कि 21 दिसंबर रविवार को संत समागम में उपस्थित होकर सद्गुरु माताजी का अमृतमयी संदेश को सुने।’
श्रध्दालुओं के लिए होगा लंगर, हजारों श्रध्दालुओं की बैठने की रहेगी व्यवस्था विनोद गज्जर ने बताया कि समागम में आनेवाले श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली से काफी संख्या में कुर्सी, गलीचा समागम ग्राउंड में पहुंचा, ताकि समागम में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को बैठने में दिक्कतें ना हो। समागम के दौरान समागम मैदान में हजारों की संख्या में एक साथ लंगर (प्रसाद) वितरण किया जाएगा लंगर बनाने के लिए एक साथ डेढ़ क्विंटल चावल पकाने के लिए दर्जनों की संख्या में कड़ाही, आटा गुथने के लिए मशीन निरंकारी मंडल से समागम मैदान पहुंच गया। दुर्गापुर इस्पात नगरी में जगह-जगह निरंकारी मिशन की सदूरु माता जी की भव्य तस्वीर के साथ बंगला, हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में समागम स्थल की विस्तार से जानकारी दी गई है।

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