राष्ट् धर्म से बड़ा कोई धर्म नही है भारत वर्ष 2050 में बनेगा हिंदू राष्ट सनातन धर्म था, आज भी है और आगे भी रहेगा इंदौर से प्रकाशित समाचार पत्र कोदंड गर्जना का विमोचन हुआ हिंदू राष्ट् की परिकल्पना एवं चुनौतिया एवं हिंदू योध्याओ का सम्मान

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उज्जैन दिनांक 7 दिसम्बर रविवार महाकाल की पावन धरती उज्जैन स्थित मध्यप्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, भारतपुरी में आज धर्म संसद 2025 का भव्य, अनुशासित और सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। कोदंड गर्जना समाचार पत्र के पाँचवें स्थापना वर्ष पर आयोजित यह आयोजन सनातन चेतना, राष्ट्रधर्म और सामाजिक समरसता पर गंभीर चिंतन और मंथन का अद्वितीय मंच बना। कोदंड गर्जना द्वारा आयोजित इस धर्म संसद में देशभर के संत-महात्मा, ज्योतिषाचार्य, विधि विशेषज्ञ एवं राजनीतिक चिंतक एकत्र हुए। आयोजन के चार सत्र—धर्म, ज्योतिष, विधि एवं राजनीति—समाज को नई दिशा देने वाले विचारों से भरपूर रहे। संतों ने राष्ट्रधर्म व सनातन मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला, ज्योतिषाचार्यों ने कालचक्र व सनातन विज्ञान पर अपनी विद्वतापूर्ण अवधारणाएँ प्रस्तुत कीं, वहीं विधि विशेषज्ञों और राजनीतिक वक्ताओं ने संविधान, समाज और हिंदू राष्ट्र की नीति-दृष्टि पर सारगर्भित विचार रखे।
धर्म संसद के पावन मंच पर कोदंड गर्जना के विशेषांक का विमोचन किया गया, जिसे सभा में उपस्थित विद्वानों एवं संतों ने महत्वपूर्ण वैचारिक योगदान बताया।
धर्म रक्षक अवॉर्ड—सनातन सेवा का गौरव सम्मान अवसर पर समाज और संस्कृति की सेवा में समर्पित कई कर्मयोगियों को धर्म रक्षक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इनमें आकाश विजयवर्गीय (पूर्व विधायक), विनीत शर्मा (बिजनेस हेड, ओमेक्स ग्रुप), डॉ. आयुषी देशमुख, डॉ. अलका झा (वरिष्ठ चित्रकार), वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश राय, सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम यादव, दर्शन सिंह देवड़ा, सोनू गहलोत एवं रितेश माहेश्वरी शामिल हैं।इन सभी को उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु “सनातन योद्धा” की संज्ञा देते हुए सम्मानित किया गया।
उज्जैन प्रेस क्लब कार्यकारिणी का सम्मान कार्यक्रम में उज्जैन प्रेस क्लब की नव-नियुक्त कार्यकारिणी का विशेष सम्मान किया गया।
सम्मानित सदस्यों में—
अध्यक्ष नंदलाल यादव, कार्यकारी अध्यक्ष विशाल हाडा, सचिव पंडित विजय शंकर व्यास सहित समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कार्यकारिणी ने धनुष-बाण चलाकर कोदंड गर्जना के नए चरण का शुभारम्भ किया।
धर्म संसद में पधारे विशिष्ट संत, विद्वान और अतिथिधर्म संसद के मंच पर उपस्थित प्रमुख सम्मानित विभूतियाँ महामंडलेश्वर श्री शैलेशआनंद गिरी जी (जूना अखाड़ा), श्री श्री 1008 योगी पीर रामनाथ जी महाराज, श्री महंत विशाल दास जी महाराज, पं. योगेंद्र महंत (राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व ब्राह्मण समाज संघ), अजय शंकर व्यास (ज्योतिषाचार्य), डॉ. सर्वेश्वर शर्मा (ज्योतिषाचार्य), पं. अरविंद तिवारी (ज्योतिषाचार्य), मनोज परमार (राष्ट्रीय अध्यक्ष, बलाई महासभा), डॉ. पंकज वाधवानी (विधि विशेषज्ञ), अधिवक्ता दुर्गेश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता जीतू जिराती, स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण कुमार खरीवाल, कोदंड गर्जना की प्रधान संपादक शीतल रॉय आदि गणमान्य उपस्थित रहे।
आयोजन का सारकार्यक्रम भक्तिमय वातावरण, समर्पित व्यवस्था और उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। धर्म संसद 2025 ने पुनः उजागर किया कि—सनातन धर्म केवल परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। और उसका संरक्षण हर जागृत नागरिक का कर्तव्य है।
उज्जैन की इस पावन धरती से उठी यह पुकार“सनातन चेतना अखंड है, और उसका प्रकाश जन-जन तक पहुँचना ही राष्ट्रधर्म है।”

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