उज्जैन नवागत संभागायुक्त बोले- सिंहस्थ के काम डेडलाइन में और गुणवत्ता के साथ समन्वय से पूरे करवाना प्राथमिकता आशीष सिंह

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उज्जैन देव दर्शन के बाद पदभार ग्रहण, ये वही अफसर, जो कोरोना में रोगियों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे थे शीश नवाया। संभागायुक्त के रूप में आशीष सिंह ने गुरुवार को पदभार ग्रहण किया। इसके पहले उन्होंने शहर पहुंचते ही श्री महाकालेश्वर सहित अन्य मंदिरों में पहुंचकर दर्शन किए। शिप्रा तट पर भी आशीष सिंह इससे पहले उज्जैन में नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर भी रह चुके हैं। जिले में जब कोरोना के रोगी बढ़ रहे थे, तब शासन ने उन्हें यहां के कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी – थी। उन्होंने आते ही स्थिति को नियंत्रित किया था। पीपीई कीट पहनकर वे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती रोगियों के बीच उनका हाल जानने और उत्साहवर्धन करने पहुंचे थे। तब वे सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हुए थे। इंदौर कलेक्टर रहते हुए शासन ने उन्हें सिंहस्थ मेला अधिकारी का दायित्व सौंप रखा था और अब उज्जैन दी गई है। पदभार ग्रहण करने के पहले संभागायुक्त की जिम्मेदारी भी उन्हें दे में कलेक्टर रोशनकुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा आदि ने सिंह का स्वागत किया।
दोहरी जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में बड़ा अवसर बताया मीडिया से चर्चा के दौरान सिंह ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की। उन्होंने स्वीकारा कि सिंहस्थ मेला अधिकारी के साथ संभागायुक्त का दायित्व चुनौती के रूप में बड़ा अवसर है। सिंहस्थ के लिए 20 हजार करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य चल रहे हैं। मीडिया और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर उन्हें पूरा करवाएंगे। ये भी बोले कि उज्जैन के अलावा श्री ओंकारेश्वर मंदिर पर भी श्रद्धालुओं का दबाव रहेगा। इसे देखकर कार्य योजना

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