शिक्षक ज्ञान के सुमेरु पर्वत। शिक्षक ज्ञान के सुमेरु पर्वत होते हैं सबर के समंदर, भावनाओं के कल्पतरु एवं शैक्षणिक वाटिका के चतुर् माली शिक्षक होते हैं…शिक्षक के पास शिक्षार्थी को तराशने की सफलता की कुंजी होती है..शिक्षक का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है …स्वयं अभाव में रहकर शिक्षार्थी को सफलता की सीढ़ी पर पहुंचने वाले शिक्षक होते हैं..उक्त उदगार प्रेस क्लब में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह अवसर पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ विशाल सिंह हाड़ा ने शिक्षकों के सम्मान अवसर पर व्यक्त किये… मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षक एवं और अशासकीय शाला शिक्षक संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी सत्यनारायण शर्मा थे…इस अवसर पर पत्रकार एवम शिक्षक की भूमिका निर्वहन करने वाले शहर के शिक्षाविद राष्ट्रपति अलंकरण से सम्मानित शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुराके , अशोक त्रिपाठी, कमलेश जाटवा ,प्रोफेसर हिना तिवारी, प्रोफेसर पराग दलाल, परमानंद शर्मा विनोद कनौजिया ,भारत सिंह चौधरी ,ललित ज्वेल, डॉ प्रीति सेंगर, श्याम सिकरवार का शाल श्रीफल भेंट कर विशिष्ट अभिनंदन किया …मुख्य अतिथि एस एन शर्मा ने कहा की शिक्षक समाज का दर्पण है, शिक्षक विद्यार्थी में रचनात्मक देश प्रेम एवं भारतीय संस्कृति के बीजरोपित करता है। कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्र भूतड़ा ने किया…आभार जितेन्द्र सिंह ठाकुर ने माना …अतिथि स्वागत गोविंद प्रजापत पप्पू शर्मा, मनोज तिलक, राजेश करे, अश्विन चौधरी, श्याम भारतीय आदि ने किया। इस मौके पर दस दिवसीय गणेश उत्सव में पूजन करने वाले पंडित श्याम पंचोली एवं पंडित अजय तिवारी का स्वागत समिति सदस्यों ने किया।
2025-09-06





