200 अवधान पावन सानिध्य • जैनाचार्य पू. आ. श्री अशोक सागर सूरीश्वर म.सा. शतावधानकर्ता पू. आ. सागरचंद्रसागर सूरीश्वर म.सा. के शिष्य डॉ. विद्वान मुनि वैराग्यचन्द्रसागरजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मैं जानकारी दी दिनांक 10 जुलाई , रविवार प्रातः 8.30 बजे से स्थान – मौनी बाबा आश्रम गंगा घाट, मंगलनाथ उज्जैन

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मनी, मोबाइल के पीछे दौड़ रही युवा पीढ़ी को जैन मुनि सिखाएंगे माइंड पावर मोटिवेशन साधनों से मानस का मन विचलित हो गया, इसे साधना से सुधारने में समय की जरूरत मनी, मोबाइल और मस्ती के पीछे पागल हो रही युवा पीढ़ी के लिए माइंड पावर मोटिवेशन के उद्देश्य से 10 अगस्त को भैरूगढ़ में विशेष प्रयोग होगा। अवधान यानी ध्यान व संयम के माध्यम से उत्पन्न धारणा शक्ति स्मरण शक्ति का अद्भुत प्रयोग किया जाएगा। जो बदलते समय के हिसाब से बेहद जरूरी हो गया है।
अवधान संबंधी इस विशेष प्रयोग की जानकारी देने के लिए बुधवार को भेरूगढ़ स्थित मणिभद्र मंदिर में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए जैन मुनि सागरचंद्र सागर सूरीश्वर ने कहा कि लगातार भौतिक संसाधनों के प्रयोग से मानस का मन विचलित हो गया है। लोगों का स्ट्रेस बढ़ रहा है। इससे लोग चिड़चिड़े हो रहे हैं। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में दिमागी इलाज करने वाले डॉक्टरों की ज्यादा जरूरत पड़ेगी। इस परिस्थिति से निपटने के लिए ही आगामी 10 अगस्त को 200 अवधान का विशेष प्रयोग होगा। सुबह 8.30 बजे से मौनी बाबा आश्रम गंगा घाट मंगलनाथ में होने वाली इस विशेष ध्यान साधना को लेकर जैन मुनि ने बताया कि हमारी संस्कृति में धारणा धारण भी बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसका उज्जैन में पहली बार आयोजन होगा। 200 अवधान धारण करने के मतलब हैं किआ श्री अशांक सागर रिवर म.सा.सावधानकर्ताकरनेवा के शिष्य दृश्य, संगीत, विज्ञान, गणित आदि से जुड़े 200 प्रश्नों पर ध्यान लगाया जाएगा। इसके माध्यम से युवाओं को माइंड पावर मोटिवेशन पॉवर और ध्यान शक्ति को दिखाने का प्रयास किया जाएगा। इस शिविर में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल होकर इसका लाभ लें।एआई के बाद समस्या ज्यादा जैन मुनि ने बताया अभी मोबाइल व अन्य भौतिक संसाधनों ने ही लोगों को कमजोर बता दिया है। अब आने वाले दिनों में एआई आ रहा है। इसका इस्तेमाल बढ़ने के बाद यह समस्या और बढ़ जाएगी। फिर व्यक्ति अपने दिमाग के बजाय एआई के भरोसे ही काम करने लगेगा।काम के प्रश्नों को सेव, फालतू को डिलीट करने की क्षमता बढ़ेगी जैनाचार्य अशोकसागर सूरीश्वर जी के सान्निध्य में जैन मुनि सागरचंद्र सागर सूरीश्वर जी के शिष्य मुनि वैराग्यचंद्र सागर शतावधान करेंगे। ध्यान के माध्यम से वे युवाओं को स्मरण शक्ति बढ़ाने का तरीका बताएंगे। जैन मुनि सूरीश्वर ने बताया कि इस विशेष ध्यान साधना से हमारी स्मरण शक्ति तो बढ़ती ही है। इससे यह भी ज्ञान मिलता है कि अच्छे या काम के कौन से प्रश्न हैं, उन्हें अपने दिमाग में सेव कर लेगा। वहीं बेकार प्रश्नों को डिलीट करने की क्षमता बढ़ेगी।

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