गुरु पूर्णिमा महोत्सव-
*गायत्री शक्तिपीठ पर 13 जुलाई को गुरु पूजन और गायत्री महामंत्र दीक्षा होगी*
यदि आप गुर वरण, गुरु दीक्षा लेने जा रहे हैं तो 100 बार सोचिए विचार कीजिए ,*कहा गया है की पानी पीजिए छान के और गुरु कीजिए जान के* ।यहां यह भी विचारणीय है कि आप को गुरु की आवश्यकता क्यों है?
भौतिक उन्नति के लिए शिक्षा ,धन ,मकान ,परिवार जिस प्रकार से सहायक है उसी तरह आत्मिक प्रगति के लिए जिस सहारे की जरूरत है वह समर्थ गुरु ही हो सकता है। हम केवल शरीर ही नहीं है उसके अंदर जो आत्मा है उसके उद्धार के लिए यह शरीर माध्यम है। अतः शरीर के रहते हुए अपनी आत्मिक प्रगति के लिए आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण गुरु का वरण करना चाहिए।
अब विचार करें गुरु के वरण में कौन-कौन सी सावधानी बरती जानी चाहिए। आद्य शंकराचार्य जी गुरु वंदना
*नमोस्तु गुरुवे तस्मै गायत्री रूपणे सदा*
*यस्य वाग्मृतम हन्ती विषम संसार संज्ञकम*
पर ध्यान दें
गुरु आध्यात्मिक शक्ति संपन्न हो अपने तप पुण्य में से कुछ देने की सामर्थ्य रखता हो, अपने साथ अपने शिष्यों के कल्याण के लिए प्रयास करने वाला हो। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि गुरु व्यक्ति नहीं शक्ति होता है। अतः यह जरूरी नहीं है कि शरीर धारी ही गुरु हो सकता है। गायत्री महामंत्र को अनादि गुरु मंत्र कहा गया है। इन दिनों गायत्री महाविद्या के सर्वमान्य ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्री राम शर्मा आचार्य जी की कारण सत्ता पूरे संसार मैं संव्याप्त है। गायत्री महामंत्र की दीक्षा देने के लिए केवल आप ही समर्थ हैं। अतः आश्रमों, वेशभूषा तामझाम की सांसारिक बनावट आदि सब भ्रम के भटकावे हैं इनसे बचना चाहिए।
निवेदन यही है की अनादि गुरु मंत्र गायत्री महामंत्र की दीक्षा समर्थ गुरु वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी को वरण कर प्राप्त करें।
गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई बुधवार 2022 को सुबह 9:00 बजे गुरु दीक्षा संस्कार कराया जाएगा। समय से 15 मिनट पहले पहुंचकर पंजीयन कराएं।
2022-07-11





